Saturday, October 24, 2009

ये लम्हे कल मिले न मिले.....


चाँद से पूछो चांदनी से कितनी मोहब्बत है।
रात से पूछो रौशनी से कितनी मोहब्बत है।
साहील से पूछो लहरों से कितनी मोहब्बत है।
ये सब सुनाएंगे मोहब्बत की दास्तान,
उस पल में तुम्हारी आँखों में नमी,
होठों पर हँसी होगी।
आँखे मूँद लेना,
तुम्हारी निगाहों में
हमारे प्यार की दुनिया सितारों से सजी होगी!
इन प्यारे से प्यार के लम्हों को
यादों में समेट लो,
क्या जाने ये लम्हे कल मिले न मिले.......

2 comments:

  1. nice...........rain ji

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  2. chand or rat se kya puche , ye to roz aate hai pucchnna ho to hamare dil se puchiye jisme bite hue acche palo ke lamhe nazar aate hai

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